Language / भाषा:
Clinical Workup · uRaology
Kidney Stone Evaluation
Who to evaluate, what to test, and when to go deeper — the HUBRS approach.
Screening
First-time formers (if interested)
  • Patients interested in understanding their recurrence risk
High Risk
High-risk patients
  • Family history (cystine)
  • Obesity (↑ relapse)
  • Sarcoidosis (calcium)
  • Primary hyperparathyroidism (calcium)
  • Renal tubular acidosis (↓ pH)
  • GI disease (oxalate)
  • Gout (uric acid)
  • Diabetes
  • Urinary tract infections
Single kidney
or anatomic abnormality
All children
pediatric stone formers
Recurrence
repeat stone formers
Remember: HUBRS
H
U
B
R
S
For every first-time stone former
H
History
  • Check if patient is high risk
  • Medications (if ↑ Ca)
  • Dietary habits (↑ fluid loss / ↑ Ca / ↑ Ox)
U
Urine
  • Urinalysis & culture
  • Cystine screening
B
Blood
  • Renal function test (RFT) & electrolytes
  • CO&sbms;
  • Parathormone (PTH)
  • Serum calcium, uric acid
R
Radiology
  • Non-contrast CT scan
  • KUB X-ray
S
Stone Analysis
  • Composition testing
  • Guides targeted prevention
HUBRS + 24-Hour Urine
24-hour urine sample × 2
One random, one on restricted diet — for comparison
Calcium
Oxalate
Uric acid
pH
Citrate
Na⁺
K⁺
Creatinine
Cystine
Patient education resource by uRaology — Dr. Akshay Rao. For general education — always consult your doctor for personal advice.
क्लिनिकल वर्कअप · uRaology
किडनी स्टोन इवैल्यूएशन
किसका इवैल्यूएशन करें, क्या टेस्ट करें, और कब गहराई में जाएं — HUBRS अप्रोच।
टेस्ट
पहली बार होने वाले (अगर रुचि हो)
  • अपने रिस्क को समझने में रुचि रखने वाले
हाई रिस्क
हाई-रिस्क वाले मरीज
  • फैमिली हिस्ट्री (सिस्टीन)
  • मोटापा (↑ रिलैप्स)
  • सार्कोइडोसिस (कैल्शियम)
  • प्राइमरी हाइपरपैराथायरायडिज्म (कैल्शियम)
  • रीनल ट्यूबलर एसिडोसिस (↓ pH)
  • GI बीमारी (ऑक्सालेट)
  • गाउट (यूरिक एसिड)
  • डायबिटीज
  • यूरिन इन्फेक्शन
सिंगल किडनी
या एनाटॉमिक एब्नॉर्मेलिटी
सभी बच्चे
पीडियाट्रिक स्टोन फॉर्मर्स
रिलैप्स
रिपीट स्टोन फॉर्मर्स
याद रखें: HUBRS
H
U
B
R
S
हर पहली बार स्टोन आने वाले के लिए
H
हिस्ट्री
  • चेक करें कि मरीज हाई रिस्क में है या नहीं
  • दवाइयां (अगर ↑ Ca)
  • डाइट (अगर ↑ फ्लूइड लॉस / ↑ कैल्शियम / ↑ ऑक्सालेट)
U
यूरिन
  • रूटीन और कल्चर
  • सिस्टीन
B
ब्लड
  • रीनल फंक्शन टेस्ट (RFT) और इलेक्ट्रोलाइट्स
  • CO&sbms;
  • पैराथायरोन (PTH)
  • कैल्शियम, यूरिक एसिड
R
रेडियोलॉजी
  • CT स्कैन
  • X-ray
S
स्टोन एनालिसिस
  • कंपोजिशन टेस्टिंग
  • रोकथाम में मदद करता है
HUBRS + 24-आवर यूरिन
24-आवर यूरिन सैंपल × 2
एक रैंडम, एक रेस्ट्रिक्टेड डाइट पर — तुलना के लिए
कैल्शियम
ऑक्सालेट
यूरिक एसिड
pH
साइट्रेट
Na⁺
K⁺
क्रिएटिनिन
सिस्टीन
uRaology द्वारा पेशेंट एजुकेशन रिसोर्स — डॉ. अक्षय राव। सामान्य जानकारी के लिए — पर्सनल सलाह के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
क्लिनिकल वर्कअप · uRaology
किडनी स्टोनचे मूल्यांकन
कोणाचे मूल्यांकन करावे, कोणते टेस्ट करावेत आणि कधी सखोल तपासणी करावी — HUBRS पद्धत।
टेस्ट
पहिल्यांदाच त्रास होणारे (जर त्यांना स्वारस्य असेल तर)
  • स्वतःचा धोका समजून घेण्यास इच्छुक असलेले
हाय रिस्क
हाय-रिस्क रुग्ण
  • कुटुंबातील इतिहास (सिस्टीन)
  • लठ्ठपणा (↑ पुन्हा होण्याचा धोका)
  • सार्कोइडोसिस (कॅल्शियम)
  • प्रायमरी हायपरपॅराथायरॉईडीझम (कॅल्शियम)
  • रेनल ट्युब्युलर ॲसिडोसिस (↓ pH)
  • पोटाचे आजार (ऑक्झलेट)
  • गाउट (युरिक ॲसिड)
  • मधुमेह
  • मूत्रमार्गातील संसर्ग
एकच किडनी
किंवा शारीरिक रचना असामान्य असणे
सर्व लहान मुले
लहान मुलांमध्ये खडे होणे
पुन्हा होणे
पुन्हा खडे होणारे रुग्ण
लक्षात ठेवा: HUBRS
H
U
B
R
S
प्रत्येक पहिल्यांदा खडा होणाऱ्या रुग्णासाठी
H
हिस्टरी
  • रुग्ण हाय रिस्कमध्ये आहे का ते तपासा
  • औषधे (जर ↑ Ca असेल तर)
  • आहार (आहारातून द्रव कमी होणे / ↑ कॅल्शियम / ↑ ऑक्झलेट)
U
लघवी
  • नियमित तपासणी आणि कल्चर
  • सिस्टीन
B
रक्त
  • रेनल फंक्शन टेस्ट (RFT) आणि इलेक्ट्रोलाइट्स
  • CO&sbms;
  • पॅराथॉर्मोन (PTH)
  • कॅल्शियम, युरिक ॲसिड
R
रेडिओलॉजी
  • सीटी स्कॅन
  • एक्स-रे
S
स्टोन ॲनालिसिस (खड्याचे विश्लेषण)
  • रचना तपासणी
  • प्रतिबंधासाठी मार्गदर्शन
HUBRS + 24-तासांची लघवी
24-तासांच्या लघवीचे नमुने × 2
एक रँडम, एक मर्यादित आहारावर — तुलनेसाठी
कॅल्शियम
ऑक्झलेट
युरिक ॲसिड
pH
सायट्रेट
Na⁺
K⁺
क्रिएटिनिन
सिस्टीन
uRaology द्वारे रुग्णांसाठी शैक्षणिक माहिती — डॉ. अक्षय राव। सामान्य माहितीसाठी — वैयक्तिक सल्ल्यासाठी नेहमी तुमच्या डॉक्टरांचा सल्ला घ्या।